ग्रेटर नोएडा में खुलेगा रेरा का ट्रिब्यूनल, फ्लैट खरीदारों को अब नहीं जाना पड़ेगा लखनऊ

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गौतमबुद्ध नगर के साथ आगरा, पिलखुवा, हापुड़, गाजियाबाद, मुरादाबाद, बरेली, मेरठ आदि के खरीदारों को अब लखनऊ नहीं जाना पड़ेगा। ग्रेटर नोएडा के रेरा दफ्तर में ही वे अपील कर सकेंगे। साथ ही, अगर बिल्डर आदेश का पालन नहीं करता है तो उसका एग्जीक्यूशन करने के लिए अपील डाल सकेंगे। एग्जीक्यूशन की सुविधा शुरू हो गई है, जबकि दो माह के अंदर ट्रिब्यूनल भी बन जाएगा।

रेरा के ग्रेटर नोएडा दफ्तर से अभी कोई आदेश जारी नहीं हुआ है, पर लखनऊ दफ्तर से काफी आदेश जारी हो चुके हैं। कुछ आदेशों का बिल्डरों ने पालन कर लिया है, लेकिन काफी ने पालन नहीं किया है। आदेश का पालन नहीं करने पर खरीदार लखनऊ जाकर एग्जीक्यूशन डाल रहे है, लेकिन अब खरीदारों को इसकी जरूरत नहीं पड़ेगी।

रेरा के सदस्य बलविंदर कुमार ने बताया कि निर्धारित समय के अंदर आदेश का पालन करना होता है। अगर विपक्षी आदेश का पालन नहीं कर रहा है तो वादी ग्रेनो के रेरा दफ्तर में एग्जीक्यूशन के लिए प्रार्थना पत्र दें। यह प्रार्थना पत्र कार्यालय आकर देना होगा। शिकायत की तरह इसकी ऑनलाइन सुविधा नहीं है। वहीं रेरा के अफसरों ने बताया कि ट्रिब्यूनल जल्द ही ग्रेटर नोएडा में बनेगा। इसकी प्रक्रिया चल रही है। इसमें आदेश के खिलाफ अपील की जा सकेगी।

 बिल्डर-सोसायटी और सेक्टरों के विवाद हल करें प्राधिकरण

सेक्टर और बिल्डर-सोसायटी वासियों के बीच विवाद और समस्याओं का निस्तारण करने की जिम्मेदारी प्राधिकरण की है। इस संबंध में जिलाधिकारी ने तीनों प्राधिकरणों को पत्र भेजा है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और ग्रेनो वेस्ट में 300 से अधिक सोसायटी और सेक्टर हैं। रोजाना किसी न किसी सोसायटी या सेक्टर में समस्याओं को लेकर विवाद होता रहता है।

इन समस्याओं का निस्तारण नहीं होने पर लोग प्रशासन के पास शिकायत करते हैं। कुछ दिन पहले एवीजे हाइट्स सोसायटी के लोगों ने देर रात एसएसपी और डीएम आवास का घेराव किया था। जिलाधिकारी बीएन सिंह के मुताबिक, बिल्डर-सोसायटी और सेक्टरों की समस्या व विवादों का सुलझाने की जिम्मेदारी प्राधिकरणों की है, लेकिन वे ऐसा नहीं कर रहे हैं। तीनों प्राधिकरणों को विवादों का निस्तारण करना होगा। सेक्टर और सोसायटी प्राधिकरण के अधिग्रहीत क्षेत्र में हैं और यूपी अपार्टमेंट एक्ट में प्राधिकरण को वहां की समस्याओं और विवादों का निस्तारण करने का प्रावधान है।

पुलिस तत्काल दे प्राधिकरण को सूचना 
जिलाधिकारी ने एसएसपी को भी पत्र भेजकर कहा है कि अगर सोसायटियों में बिल्डर और स्थानीय लोगों के बीच विवाद होता है और उसकी शिकायत मिलती है तो तत्काल सूचना प्राधिकरण अफसरों को दें, ताकि उनके स्तर से समस्या का समाधान कराया जा सके। संबंधित क्षेत्र के थाना प्रभारी को यह जिम्मेदारी निभानी होगी।

बिल्डर को ‘चोर’ कहने पर खरीदार को दी नसीहत

मंगलवार को रेरा दफ्तर में अंसल और अन्य बिल्डर के 43 मामलों पर सुनवाई के एक खरीदार ने बिल्डर को कई बार ‘चोर’ कह दिया। इस पर पीठ के सदस्यों ने नाराजगी जाहिर की और खरीदार को सभ्य भाषा का प्रयोग करने की नसीहत दी। खरीदार ने बताया कि 11 साल पहले वर्ष 2007 में 17 लाख देकर फ्लैट बुक किया था, लेकिन अब तक घर नहीं मिला है। एक अन्य खरीदार ने कहा कि उसे दो बेटियों की शादी करनी है।

जिंदगीभर की कमाई बिल्डर ले चुका है, लेकिन घर नहीं मिला। उसने पैसा वापस दिलवाने की भावुक मांग की। अन्य खरीदारों ने भी बिल्डर पर धोखा देने का आरोप लगाया। एक खरीदार ने बताया कि सेक्टर ईटा दो में अंसल बिल्डर की परियोजना में फ्लैट लिया था। वर्ष 2016 में कब्जा मिलना था, लेकिन अब तक नहीं मिला है। अभी दो साल और कब्जा नहीं मिलने की उम्मीद है। इस पर बिल्डर के वकील ने फरवरी, 2019 में कब्जा देने की बात कही।

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