क्या संजय दत्त की इमेज सुधारने के लिए बनाई ‘संजू’, राजकुमार हिरानी ने दिया जवाब…

---Ads----

इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ मेलबर्न 2018 (IFFM 2018) में ‘संजू’ ने बेस्ट फिल्म से लेकर बेस्ट डायरेक्टर और बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का अवॉर्ड जीता.

नई दिल्ली: रणबीर कपूर स्टारर फिल्म ‘संजू (Sanju)’ को बॉक्स ऑफिस पर सक्सेस मिली. संजय दत्त की जिंदगी पर आधारित यह फिल्म दर्शकों और क्रिटिक्स को काफी पसंद आई. फिल्म ने 300 करोड़ से ज्यादा का कलेक्शन भारतीय बॉक्स ऑफिस से किया, जबकि इसकी ओवरसीज कमाई भी शानदार रही. इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ मेलबर्न 2018 (IFFM 2018) में ‘संजू’ ने बेस्ट फिल्म से लेकर बेस्ट डायरेक्टर और बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का अवॉर्ड जीता.

एक ओर जहां ‘संजू’ की जमकर तारीफ हो रही है, वहीं मेकर्स पर यह आरोप भी लगे कि उन्होंने यह फिल्म संजय दत्त की इमेज सुधारने के लिए बनाई. फिल्म निर्देशक राजकुमार हिरानी ने अपनी हालिया फिल्म ‘संजू’ का बचाव करते हुए कहा कि विवादस्पद बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त की बेगुनाही पर यकीन आने के बाद ही उन्होंने इस बायोपिक का निर्माण किया. मेलबर्न में चल रहे भारतीय फिल्मोत्सव के दौरान ‘संजू’ के निर्माण के संबंध में हिरानी ने कहा कि यह फिल्म व्यापक शोध के बाद बनायी गयी. उन्होंने कहा, ‘‘अपनी पूरी जिंदगी वह अपने घर में आरडीएक्स संग्रह करने का आरोपी रहा…मैंने उच्चतम न्यायालय का हर आदेश पढ़ा जिसमें हर न्यायाधीश ने कहा कि वह इसका आरोपी नहीं है.’’

हिरानी ने कहा कि जब पूरी दुनिया के सामने यह बात आ गयी तब सवाल ही कहां उठता है. उन्होंने यह फिल्म बनायी क्योंकि उन्हें इस पर यकीन था. काफी शोध के बाद यह फिल्म बनाने की तरफ कदम बढ़ाये. यदि हमें कहीं भी शक होता कि वह इसमें शामिल रहा तो वह यह फिल्म नहीं बनाते.

नवंबर 2006 में संजय दत्त को टाडा के तहत आरोपी बनाया गया था लेकिन उन्हें आर्म्स एक्ट के तहत अवैध हथियार रखने का दोषी पाया गया. हिरानी ने कहा कि मीडिया और लोगों के एक वर्ग की इस फिल्म की आलोचना से वह बेहद आश्चर्यचकित थे जिनका कहना था कि इस फिल्म के जरिये ‘छवि सुधारने’ की कोशिश की गई है.

 

 

---Ads----

Comments