किडनी रोग और इसके लक्षण | किडनी इन्फेक्शन के आयुर्वेदिक और घरेलू उपाय

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किडनी रोग का उपचार: आज का दौर बहुत चुनौती भरा होता जा रहा है. एक स्वस्थ जीवन हासिल करना बहुत मुश्किल दिख रहा है. हर दिन कोई न कोई नई बीमारी दुनियाँ के सामने आ रही है. इसका प्रमुख कारण आज का रहन-सहन,जीवनशैली में होते बदलाव और प्रदूषित वातावरण है.

बीमारियों की बात होती है तो हम किडनी से जुड़ी हुई बीमारियों के बारे में बहुतायत में इन दिनों सुन रहे है. पूरे विश्व के साथ-साथ भारत में भी इन दिनों किडनी से जुड़ी बीमारी का स्तर लगातार बढ़ता दिख रहा है.

किडनी रोग का उपचार

एक आंकड़े के अनुसार लगभग हर 10 लाख आदमियों में से एक आदमी किडनी की बीमारी से पीड़ित है. किडनी का शरीर मे महत्व को देखते हुए हम इन बीमारियों को बिल्कुल भी हल्के में नही ले सकते है. किडनी से जुड़ी कोई भी बीमारी होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लेकर उपचार कराये. अन्यथा समस्या बहुत भयावह भी हो सकती है.

किडनी क्या है

किडनी शरीर का एक महत्वपूर्ण और जटिल अंग होता है. यह 10 सेंटीमीटर लंबा 6 सेंटीमीटर चौड़ा और 3 सेंटीमीटर मोटा होता है. हर इंसान के अंदर दो किडनी होती है. यदि किसी कारण वश इंसान की एक किडनी खराब भी हो जाए तो भी एक एक किडनी के द्वारा जीवन जिया जा सकता है.

परंतु इंसान की कार्यक्षमता में बहुत फर्क पड़ता है. कार्य क्षमता घटकर लगभग आधी रह जाती है. एक किडनी वाले व्यक्ति को बहुत सी स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं से लगभग जिंदगी भर गुजारना पड़ता है.

किडनी का कार्य, किडनी क्यों जरूरी है?

एक स्वस्थ किडनी हर मिनट करीब आधा कप खून को फिल्टर करके उसमें से अपशिष्ट पदार्थों को अलग करती है. इसके साथ ही शरीर का खराब पानी और अतिरिक्त पानी दो पतली नदियों के द्वारा ब्लेडर तक भेजती है. यह खराब जल मूत्र मार्ग के द्वारा बाहर निकल जाता है.

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