दिल्ली में खतरे के निशान से ऊपर यमुना, आसपास के कई इलाके डूबे

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मंगलवार को सुबह सात बजे यमुना का जलस्तर 206 मीटर पर पहुंच गया, जिसके चलते आज राष्ट्रीय राजधानी में बाढ़ का खतरा सबसे ज्यादा है.

मूसलाधार बारिश और हथिनीकुंड बैराज से पानी छोड़े जाने की वजह से दिल्ली में बाढ़ का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है. मंगलवार को सुबह सात बजे यमुना का जलस्तर 206 मीटर पर पहुंच गया, जिसके चलते आज राष्ट्रीय राजधानी में बाढ़ का खतरा सबसे ज्यादा है.

यमुना के जलस्तर के खतरनाक स्तर पर पहुंचे के बाद दिल्ली के निचले इलाकों को खाली कराया गया है और लोगों को राहत कैंपों में पहुंचाया गया है. हथिनीकुंड बैराज से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है, जिसके चलते यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है.

जब तक हथिनीकुंड बैराज से पानी छोड़ने का सिलसिला बंद नहीं होता है, तब तक दिल्ली में बाढ़ का खतरा बढ़ता ही जाएगा. मंगलवार को सुबह सात बजे दिल्ली रेलवे ब्रिज का जलस्तर 206 मीटर पर पहुंच गया, जिससे बाढ़ का खतरा और बढ़ गया है. बाढ़ के इस खतरे को देखते हुए प्रशासन भी अलर्ट हो गया है.

कई ट्रेनों के रूट भी बदलने पड़ रहे हैं. इससे पहले रविवार को यमुना का जलस्तर 205.52 मीटर पहुंचने पर पुल से आवाजाही बंद कर दी गई थी. यमुना पुल के बंद होने से रेलवे ने 27 पैसेंजर गाड़ियों को रद्द कर दिया था, 14 एक्सप्रेस गाड़ियों का रूट बदल दिया था और तीन एक्सप्रेस गाड़ियों को रद्द कर दिया था.

वहीं, यूपी के बाराबंकी में नेपाल से छोड़े गए पानी और लगातार हो रही बारिश से घाघरा भी उफना गई है. तटवर्ती गांवों की ओर बाढ़ का पानी बढ़ते देख ग्रामीण सिहर उठे हैं. राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने को प्रशासन ने अलर्ट कर दिया है. चरसड़ी तटबंध के तटवर्ती करीब चार गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं.

ग्रामीण गांव से निकलकर सुरक्षित ठिकाना तलाशने लगे हैं. उधर, रामनगर के दर्जनों गावों में घाघरा नदी की कटान तेज़ हो गई है. नेपाल में भारी बारिश के चलते आज फिर गिरिजा बैराज से एक लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जिससे घाघरा नदी खतरे के लाल निशान से 11 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है.

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