माल्या, मोदी जैसे नहीं हो सकेगी फरार पासपोर्ट एक्ट में बदलाव की सिफारिश

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बैंक से धोखाधड़ी करने वाले विजय माल्या, नीरव मोदी और मेहुल चोकसी जैसे अपराधियों और दोषी प्रमोटरों के देश से फरार होने पर रोक लगाने के लिए पासपोर्ट कानून में बदलाव की सिफारिश की गई है। अंतर मंत्रालयी समिति ने कानून को सख्त करने के साथ ही ऐसे लोगों की नागरिकता रद्द करने का भी सुझाव दिया है। समिति ने अपनी रिपोर्ट गृह मंत्रालय को सौंप दी है।

समिति ने कहा- अपराधियों के फरार होने वालों की नागरिकता रद्द की जाए

गृह मंत्रालय ने पंजाब नेशनल बैंक के 14000 करोड़ रुपये घोटाले के आरोपी मेहुल चोकसी के एंटीगुआ की नागरिकता लेने की खबर के बाद इस समिति का गठन किया था। समिति को ऐसे भारतीय पासपोर्ट धारकों के मामलों को देखने को कहा गया था जिन्होंने दोहरी नागरिकता ले ली है। समिति ने वित्तीय सेवा सचिव राजीव कुमार की अध्यक्षता में एक उपसमिति बनाई थी जिसे भारतीय पासपोर्ट के दुरुपयोग और दोहरी नागरिकता के मुद्दे को देखने का काम सौंपा गया था।

चोकसी के एंटीगुआ की नागरिकता लेने के बाद समिति का किया गया था गठन, सौंपी रिपोर्ट

सूत्रों ने बताया कि समीक्षा के बाद राजीव कुमार की अध्यक्षता वाली समिति ने पासपोर्ट कानून में संशोधन का सुझाव दिया जिससे जानबूझकर कर्ज नहीं चुकाने वालों और धोखेबाजों के देश से फरार होने पर रोक लगाई जा सके। सूत्रों का कहना है कि जिन लोगों के पास दो देशों का पासपोर्ट है, उनसे निपटना भारतीय अधिकारियों के लिए काफी कठिन है।

समिति में गृह और विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा सीबीआई, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), भारतीय रिजर्व बैंक और खुफिया ब्यूरो के प्रतिनिधि भी शामिल हैं। पीएनबी घोटाले के सामने आने और आरोपियों नीरव मोदी, मेहुल चोकसी के देश से फरार होने की जानकारी सामने आने के बाद वित्त मंत्रालय ने सभी सरकारी बैंकों से 50 करोड़ रुपये से अधिक का लोन लेने वाले सभी लोगों की पासपोर्ट डिटेल जुटाने को कहा था।

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