बारिश में गाड़ी का टायर ना पंचर होगा और ना फिसलेगा, बस करने होंगे ये काम

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नई दिल्ली (ऑटो डेस्क)। इस समय देश में बारिश का मौसम है। हर जगह बारिश, कीचड़, जलभराव की समस्या देखने को मिल रही है। हालात ऐसे हो रहे हैं कि गाड़ी चलाना भी मुश्किल हो रहा है। गर्मी और सर्दी के की तुलना में बारिश के मौसम में फिसलन ज्यादा होती है जिसकी वजह से टू-व्हीलर और 4 व्हीलर भी स्किड होने लगते हैं। इतना ही बारिश के मौसम में टायर के पंचर होने का खतरा भी बढ़ जाता है। लेकिन अगर कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखा जाये तो गाड़ी के फिसलने और पंचर होने की संभावना से बचा जा सकता है।

टायर्स के पंचर होने के कारण

बारिश की वजह से सड़कों पर पानी भर जाता है। बहता हुआ पानी अपने साथ कई प्रकार की चीजें लेकर आता है, उनमें से कुछ नुकीली चीजें भी होती हैं जो सड़कों पर पड़ी रहती है और जब गाड़ी उन पर से गुजरती है तो टायर्स के पंचर होने की संभावना काफी हद तक बढ़ जाती है। सड़कों पर ईंट-पत्थर और रोड़ी के छोटे टुकड़े भी कई बार टायर्स को नुकसान पहुंचा देते हैं। अगर गाड़ी के टायर्स कमजोर हैं तो वो जल्दी पंचर होंगे।

क्यों फिसलती है गाड़ी

गीली सड़क पर बहुत सी बजरी, पत्थर और रोड़ी के छोटे-छोटे टुकड़े पड़े रहते हैं जिसकी वजह से गाड़ी फिसल जाती है। इस वजह से कई बड़े हादसे हो जाते हैं। इसलिए समय-समय पर टायर्स को चेक करा लें

सड़क की उखड़ी हुई गिट्टी पर टायर की ग्रिप कमजोर हो जाता है। ऐसे में जब गाड़ी ज्यादा स्पीड में होती है और ब्रेक लगाते हैं तब वो स्किड कर जाती है। गाड़ी स्किड होने की वजह से कई बार हादसे भी हो जाते हैं।

बचाव के ये हैं एक्सपर्ट टिप्स

किसी भी गाड़ी के टायर्स घिसे हुए नहीं होने चाहिए। आपको बता दें एक्सपर्ट के मुताबिक टायर में 3mm के थ्रेड्स का होना जरूरी है क्योकि रोड पर इनकी ग्रिप बेहतर होती है।

अगर टायर्स में हवा का प्रेशर सही नहीं तो टायर्स के पंचर होने के चांस ज्यादा बढ़ जाते हैं। इतना ही नहीं गाड़ी के फिसलने के चांस भी बढ़ जाते हैं इसलिए टायर्स में हवा का प्रेशर एक दम सही होना चाहिए। इस बात का भी ध्यान रखें कि टायर्स में हवा उतनी ही होनी चाहिए जितनी कंपनी की तरफ से रेकमेंडेड की जाती है।

सबसे खास बात यह है कि बारिश के दिनों में अपनी गाड़ी की रफ्तार कम रखनी चाहिए। एक्सपर्ट की माने तो बारिश के समय में 40kmph की रफ्तार रखनी चाहिए और हाइवे पर गाड़ी की रफ्तार 70-80 kmpl होनी चाहिए। ऐसे में आपकी गाड़ी कंट्रोल में रहेगी।

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