आखिर क्या थी अटल जी की महत्वाकांक्षी योजना, जिसने बदल दी शिक्षा की परिभाषा?

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पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी आज हमारे बीच नहीं रहें पर उनके द्वारा बनाई गई ऐसी बहुत सी योजनाएं हैं जिनकी वजह से लोग उन्हें हमेशा याद रखेंगे। यहां हम बात 2001 में उनके द्वारा चलाए गए सर्व शिक्षा अभियान योजना की कर रहे हैं। इस योजना का उद्देश्य 6-14 साल उम्र के बच्चों को मुफ्त प्राथमिक शिक्षा प्रदान करना था और यह अभियान सफल भी हुआ।

सर्व शिक्षा अभियान को शिक्षा अभियान के नाम से भी जानते हैं। सर्व शिक्षा अभियान सभी बच्चों में मानवीय क्षमताओं के उन्नयन के लिए अवसर प्रदान करने का एक प्रयास है। मोदी सरकार ने 2015 में इस योजना के लिए केंद्र और स्टेट के बीच 60:40 व 90:10 पूर्वोत्तर राज्यों समेत तीन हिमालय राज्य का रेशियो का बजट बनाया था। हाल ही में मोदी कैबिनेट ने सर्व शिक्षा अभियान योजना को 2020 तक का समय बढ़ा दिया है।

सर्व शिक्षा अभियान को सरकार तथा सरकारी प्राप्त स्कूलों के माध्यम से प्रशासित किया जा रहा है, कुछ निजी स्कूल भी सार्वत्रिक प्रारंभिक शिक्षा के प्रति योगदान में सक्रिय रूप से शामिल हैं। आपको बता दें कि दक्षिण भारत के तामिलनाडु राज्य में एक गांव है जिसका नाम सतनाथापुरम है (शहर: सिर्काझी) जो कि नागपट्टिनम जिले में स्थित है, ये एक ऐसा गांव हैं जहां पहली बार इस योजना को सफलतापूर्वक लागू किया गया था।

योजना के उद्देश्य

सर्व शिक्षा अभियान को विभिन्न लक्ष्यों के साथ तय किया गया है-
– विद्यालय, शिक्षा गारंटी केंद्रों, वैकल्पिक विद्यालयों या ‘विद्यालयों में वापस’ अभियान द्वारा वर्ष 2003 तक सभी बच्चों को लाना।
– वर्ष 2007 तक 5 वर्ष की आयु वाले सभी बच्चे प्राथमिक शिक्षा पूरी करें।
– वर्ष 2010 तक 8 वर्ष की आयु वाले सभी बच्चे प्रारंभिक शिक्षा पूरी करें।
– वर्ष 2007 तक प्राथमिक चरण और 2010 तक प्रारंभिक शिक्षा स्तर पर आने वाले सभी लिंग संबंधी और सामाजिक श्रेणी के अंतराल बांट दिए जाएं।
– वर्ष 2010 तक सार्वत्रिक प्रतिधारण तय है।

सर्व शिक्षा अभियान के पंद्रह हस्तक्षेप

ब्लॉक रिसोर्स सेंटर, सीआरसी (क्लस्टर रिसोर्स सेंटर), एमजीएलसी एंड एआईई, नागरिक कार्य, नि:शुल्क पाठ्य पुस्तक, अभिनव क्रियाकलाप, IEDC, प्रबंधन और एमआईएस (MIS), आरएंडई (R&E) (अनुसंधान और मूल्यांकन), विद्यालय अनुदान, शिक्षक अनुदान, शिक्षक प्रशिक्षण, सुधारात्मक शिक्षण, समुदाय संग्रहण, दूरस्थ शिक्षा।

योजना की उपलब्धियां
– इस योजना ने गांव स्तर पर महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं।
– 2004 में भारत के कई गांवों को शामिल किया गया और प्रारंभिक शिक्षा केंद्र खोले गए।

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