दहेज के लिए दो बच्चों समेत महिला को जिंदा जलाया

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इलाहाबाद

यमुनापार के मांडा में दहेज के लिए दो बच्चों समेत महिला को जिंदा जला दिया गया। रात में एक बजे के करीब पड़ोसी ने मकान से धुआं उठता देख शोर मचाया तो ग्रामीण जुट गए। इसके बाद लोग कमरे में पहुंचे तो देखा कि तीनों झुलसी हालत में पड़े थे, उनकी मौत हो चुकी थी। मायकेवालों की तहरीर पर पुलिस ने पति समेत पांच ससुरालीजनों के खिलाफ केस लिखा है। साथ ही तीन लोगों को गिरफ्तार भी कर लिया है।

मिर्जापुर जिले के जिगना थाना के चितौली ग्राम की रहने वाली गीता (28) की शादी पांच साल पहले मांडा के कोइलारी भंजनपुर ग्राम निवासी शिवबहादुर पुत्र राजकुमार के साथ हुई थी। शिवबहादुर मुंबई में रहकर नौकरी करता है और वह पिछले तीन महीनों से वहीं है। शादी के बाद गीता ने दो बेटों को जन्म दिया, जिसमें बड़ा बेटा कान्हा उर्फ प्रीतम (3) व छोटा दो माह का था। सुसराल में ससुर राजकुमार, सास रामरती, जेठ रामबहादुर व जेठानी मीना देवी के साथ गीता दोनों बच्चों के साथ रहती थी। रोज की तरह बृहस्पतिवार रात भी खाना खाने के बाद सभी लोग सो गए। रात करीब एक बजे कच्चे मकान से धुआं उठते देख पड़ोसी कमला शंकर ने शोर मचाया तो ग्रामीण भागकर पहुंचे। घर के बाहर सो रही सास व पिछले हिस्से में सो रहे जेठ-जेठानी की भी नींद खुल गई। शोरगुल सुनकर कुछ ही देर में घर से दूर एक मड़हे में सो रहे ससुर भी पहुंच गए। ग्रामीणों ने भीतर जाकर देखा तो कमरे का दरवाजा खुला था और गीता व उसके दोनों बच्चे झुलसी हालत में पड़े थे। सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई। जांच पड़ताल के बाद पुलिस ने तीनों के शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

उधर, शुक्रवार सुबह पहुंची मृतका की मां लालती देवी पत्नी शिवराम ने आरोप लगाया कि दहेज के लिए उसकी बेटी और नातियों को जिंदा जला दिया गया। शादी के कुछ ही दिनों बाद से ही दहेज में मोटरसाइकिल, सोने की चेन व अंगूठी की मांग की जा रही थी। पुलिस ने बताया कि मां की तहरीर पर मृतका के ससुर राजकुमार, सास रामरती, जेठ रामबहादुर, जेठानी मीना देवी व पति शिवबहादुर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। सास, जेठ व जेठानी को गिरफ्तार कर लिया है। सुबह मौके पर आईजी रमित शर्मा भी पहुंचे।

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