इलाहाबाद में उफनाई गंगा और यमुना

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इलाहाबाद : आधा दर्जन बड़ी नदियों से घिरे प्रयाग में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। प्रमुख नदियों गंगा और यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। सोमवार शाम और मंगलवार सुबह के बीच यमुना के जलस्तर में 72 सेमी तथा गंगा के जलस्तर में 44 सेमी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। दोनों नदियों में इसी तरह तेजी बरकरार रही तो बाढ़ की आशंका उत्पन्न हो सकती है।

गंगा और यमुना के जलस्तर में लगातार तेजी के साथ बढ़ोतरी हो रही है। इसी तरह तेजी बरकरार रही तो जल्द ही बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो जाएगी। मंगलवार को यमुना के जलस्तर में काफी ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज की गई। सिंचाई विभाग बाढ़ खंड के मुताबिक 24 घंटे में एक मीटर से की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। गंगा में भी लगभग 44 सेमी पानी चढ़ा है। बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता मनोज कुमार सिंह ने बताया कि दोनों नदियों में तेजी का ट्रेंड बना हुआ है। आने वाल दिनों में भी यह तेजी बरकरार रहेगी। बाढ़ की आशंका से दोनों नदियों के निचले इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया गया है। बाढ़ चौकियों पर तैनात स्टॉफ को भी सतर्कता के निर्देश दिए गए हैं।

अधिशासी अभियंता ने बताया कि दोनों नदियों के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी मंगलवार सुबह के बाद भी जारी रही। दरअसल, मध्य प्रदेश में बारिश के चलते केन और बेतवा नदियां उफनाई हैं। यही नहीं कई पहाड़ी और छोटी नदियां भी उफना रही है। इन नदियों का पानी यमुना में आ रहा है। इसी तरह बुंदेलखंड में बरसात का पानी चंबल समेत अन्य छोटी नदियों का पानी यमुना में आ रहा है। इससे यमुना का जलस्तर और बढ़ने की आशंका है। उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर में बारिश के चलते गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही है। उत्तराखंड स्थित टिहरी और बुलंदशहर के नरौरा बांधों से रोज पानी गंगा में छोड़ा जा रहा है। हरिद्वार और कानपुर बैराज से भी पानी गंगा में छोड़ा जा रहा है, जिससे गंगा का जलस्तर और भी बढ़ने की आशंका है। गंगा और यमुना के जलस्तर में इसी तरह तेजी बरकरार रही तो इस बार बांध स्थित बड़े हनुमानजी को गंगा नहला सकती हैं। उम्मीद है कि लेटे हनुमान जी तक इस बार पानी पहुंचेगा, क्योंकि एक मीटर जलस्तर और बढ़ेगा तो पानी मंदिर तक पहुंच सकता है।

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