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एक बार क्लास में मैडम ने बच्चों से एक सवाल पूछा;

मैडम: तुम सब में से सबसे बहादुर कौन है बच्चों?

मैडम का सवाल सुन के सारे बच्चों ने हाथ उठा दिए, यह देख मैडम ने एक और सवाल पूछा;

मैडम: अच्छा बताओ, अगर तुम्हारे स्कूल के सामने कोई बम रख दे तो तुम क्या करोगे?

मैडम का सवाल सुन पप्पू ने हाथ उठाया और बोला;

पप्पू: मैडम जी एक, दो मिनट देखेंगे अगर कोई ले जाता है तो ठीक है, नहीं तो स्टाफरूम में रख देंगे!


टीचर:- एक तरफ पैसा,
दुसरी तरफ अक्कल, क्या चुनोगे ?

विद्यार्थीः पैसा.

टीचर:- गलत, मै अक्कल चुनती

विद्यार्थीः- आप सही कह रही हो मेडम,
जिसके पास जिस चीज की कमी होती है वो वही चुनता है ……………

दे थप्पड़ दे थप्पड़


टीचर:
बहुवचन किसे कहते है?

पप्पू:
जब बहू अपने ससुराल वालो को खरी-खोटी सुनाती है
तो उसे बहु वचन कहते है।

अध्यापक जी बेहोश होते होते बचे।


हद तो तब,
सभी पार हो गई….

जब एक लड़का,
क्लास में,
मैडम से…..

May I Go To Toilet…..

बोलकर…..
मूवी देखने चला गया….!!


अध्यापक:
“संतोष आम खाता हैं”
इस वाक्य को अंग्रेजी में ट्रांसलेट करो?

पप्पू ने अंग्रेज़ी में ट्रांसलेट किया:
“Satisfaction is General Account”!!


शिक्षक: MATHS का फुल फॉर्म बताओ..??

छात्र: मेरी आत्मा तुझे हमेशा सताएगी..!

टीचर आज तक सोच रहा है…कि लड़के ने फूल फॉर्म बताया था कि बददुआ दी थी..


मैडम, बच्चे से::
तेरी कॉपी और पेन कहाँ है????

बच्चा-
मेम जबसे आपको देखा
क्या कॉपी और क्या पेन,
तेरे मस्त-मस्त दो नैन,
मेरे दिल का ले गये चैन,
खो गई कॉपी, गुम गया पेन.


मास्टर – कल स्कुल क्यूँ नहीं आये?
बबलू – गल्फ्रेंड से मिलने गया था .

मास्टर – किस लिये ?
बबलू – येस सर.

मास्टर – मैंने पूछा किस लिये?
बबलू – लिये सर बहुत लिये…


छात्र :-
सर राष्ट्र गान
और
राष्ट्र पशु
दोनों एक साथ आये तो
खड़ा रहना है या भागना है?

सर ने इस्तीफा दे दिया!


टीचर : बच्चो, वादा करो कि कभी शराब, सिगरेट नहीं पिओगे।✊

बच्चे : नहीं पीएंगे।

टीचर : कभी लड़कियों का पीछा नहीं करोगे!
बच्चे : नहीं करेंगे।

टीचर : लड़कियों से दोस्ती नहीं करोगे!
बच्चे : नहीं करेंगे।

टीचर : वतन के लिए जान दे दोगे!
बच्चे : दे देंगे, ऐसी जिन्दगी का करेंगे भी क्या..


टीचरः
धोबी का कूत्ता ना घर का ना घाट का..
ऐसा ही ऐक और सेंटेंस बनाओ.

पप्पू – सानिया मिर्जा का बच्चा ना भारत का ना पाकिस्तान का :
टीचर बेहोश :


संस्कृत की क्लास मे गुरूजी ने पूछा = पप्पू इस श्लोक का अर्थ बताओ.
“कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन”.
.
पप्पू = राधिका शायद रस्ते मे फल बेचने का काम कर रही है.
.
गुरूजी = मूर्ख, ये अर्थ नही होता है. चल इसका अर्थ बता:-
“बहुनि मे व्यतीतानि, जन्मानि तव चार्जुन.”
.
पप्पू = मेरी बहू के कई बच्चे पैदा हो चुके हैं, सभी का जन्म चार जून को हुआ है.
.
गुरूजी गुस्सा हो गये फिर पुछा :-
“तमसो मा ज्योतिर्गमय”
पप्पु= तुम सो जाओ माँ मैं ज्योति से मिलने जाता हुँ.
.
गुरूजी = अरे गधे, संस्कृत पढता है कि घास चरता है. अब इसका अर्थ बता:-
“दक्षिणे लक्ष्मणोयस्य वामे तू जनकात्मजा.”
.
पप्पू = दक्षिण मे खडे होकर लक्ष्मण बोला जनक आजकल तो तू बहुत मजे मे है.
.
गुरूजी = अरे पागल, तुझे १ भी श्लोक का अर्थ नही मालूम है क्या ?
पप्पू = मालूम है ना.
.
गूरूजी = तो आखरी बार पूछता हूँ इस श्लोक का सही सही अर्थ बताना.-
हे पार्थ त्वया चापि मम चापि…….!
.
क्या अर्थ है जल्दी से बता.
पप्पू = महाभारत के युद्ध मे श्रीकृष्ण भगवान अर्जुन से कह रहे हैं कि……..
.
गुरूजी उत्साहित होकर बीच मे ही
.
कहते हैं = हाँ, शाबास, बता क्या कहा श्रीकृष्ण ने अर्जुन से……..?
.
पप्पू =
भगवान बोले = अर्जुन तू भी चाय पी ले, मैं भी चाय पी लेता हूँ. फिर युद्ध करेंगे.
गुरूजी बेहोश…………..


जिंदगी की मुसीबतें उन स्टूडेंट्स का रास्ता कभी नहीं रोक सकतीं,
जो….

बचपन में पेंसिल छोटी हो जाने पर

उसके पीछे पेन का ढक्कन लगाकर,
उसे फिर से पकड़ने लायक बना लेते थे !


टीचर:-
“क्लास में लड़ाई
क्यों नही करनी चाहिए..?”

पप्पू:-
“क्योंकि पता नही
एग्जाम में कब किसके पीछे
बैठना पड़ जाये..!”


टीचर: अगर अपना कैरेक्टर सुधारना चाहते हो
तो अपनी टीचर को मां समझो….

संता: मैडम इससे तो हमारे पापा का कैरेक्टर खराब होगा….!!


अध्यापक –
टेबल पर चाय किसने गिराई? इसे अपनी मातृभाषा मे बोलो ।

छात्र –
मातृभाषा मतलब मम्मी की भाषा में ?

अध्यापक – हां ।

छात्र – अरे छाती कूटा म्हारा जीव लियां बिना थने चैन नी पड़े ? ओ की थारो बाप ढोली चाय ?

अध्यापक बेहोश !…


ग्रामर की टीचर पप्पू से –
“संदीप अब शराब नहीं पीता है।
“इसमें संदीप क्या है ??

.

पप्पू –
इसमें संदीप माता रानी का भगत है और
उसने नवरात्रा रखा हुआ है।


टीचर : 1869 में क्या हुआ ?

सुरेश :- गांधीजी का जन्म!

टीचर :- बिलकुल सही. बैठो निचे ..

टीचर :- पप्पू तु बोल.. 1872 में क्या हुआ…?

पप्पू :- गांधीजी ३ साल के हो गए… मैं भी बैठू क्या?


अध्यापक: अकबर कौन था?
पप्पू: अकबर Gay tha

अध्यापक:- क्या? तुम पागल हो गए हो? बताओ ऐसा क्यों लगता है तुम्हे?

पप्पू:-
हम सबने सुना है…
लैला – मजनू,
हीर – राँझा,
सोनी – महिवाल,
रोमियो – जूलिएट

बस केवल…
अकबर – बीरबल !

अध्यापक बेहोश!


कानपुरिया धमाका

टीचर (लड़के से) : “काहे बे… कल स्कूल काहे नहीं आए…..??”

लड़का : “काहे… कल जौ आये रहें… उनका कलेक्टर बना दिए हो का…??”


टीचर : “कौनसा पंछी सबसे तेज़ उड़ता है?

स्टूडेट : “सर, हाथी।

टीचर : “नालायक, तेरा बाप क्या करता है?

स्टूडेट : “दाउद के गैंग में ‘शूटर है।

टीचर : “शाबाश।
लिखो बच्चो ‘हाथी’।


अध्यापक: किसी ऐसी जगह का नाम बतायो जहां पर बहुत सारे लोग हों फिर भी तुम अकेला महसूस करो?

छात्र: परीक्षा कक्ष!

अध्यापक: बेहोश!


मास्टर जी एक होटल में ख़ाली कटोरी में रोटी डुबो-डुबो कर खा रहे थे।

वेटर ने पूछा:
मास्टरजी ख़ाली कटोरी में कैसे खा रहे हैं?

मास्टर जी:
भइया, हम गणित के अध्यापक हैं।
दाल हमने ‘मान ली’ है।


एक बार प्राइमरी स्कूल में मास्टर जी गहरी नींद मे सो रहे थे

तभी कलेक्टर साहब आ गये
मास्टर जी पकडे गये
बहुत देर उठाने के बाद तब
मास्टर की नींद खुली और बोले

बच्चों कुंभकर्ण ऐसे सोता है
इसे कहते है गतिविधि आधारित शिक्षण…!

कलक्टर साहब सन्न….

मास्टर से बचकर रहना रे ….


एक क्लास में एक लड़की को सब बुआ-बुआ कहते थे…..✔

एक दिन इस की शिकायत ऊसने अपने टीचर से कर दी……

टीचर ने सब लडको से पूछा ….

जो लड़के इस को बुआ कहते है वो सभी खडे हो जाए…….

एक लड़के को छोड के सभी खडे हो गये…..

टीचर ने पुछा……क्या तुम इस को बुआ नहीं कहते हो …

लड़का बोला…… सर मु तो फूफाजी हूँ…….


क्या अजीब संयोग है..
स्कूल में हाजिरी लेते लेते अचानक कलम रुक गयी.
लड़की का नाम था “परिधि व्यास”

मैने कहा:
क्या खूब “ज्यामितीय” नाम है !
बेटी… तुम्हारे पापा का नाम…..?

वो बोली : जी….”आधार” चंद्र व्यास ।

और मम्मी…..?

वो बोली : जी…..”त्रिज्या” व्यास ।

और भाई….?
वो बोली : जी “कर्ण” व्यास ।

फिर तो परिवार में “रेखा” और “बिंदु” भी होंगी ?

वो शरमाकर बोली, जी “दोनों” बुआजी हैं मेरी !!


शरारती बच्चा: मास्टरजी एक सवाल पूछें

मास्टर जी: हाँ हाँ पूछो।
बच्चा: हाथी को फ्रीज में कैसे रखेंगे?

मास्टरजी: बेवकूफ, हाथी फ्रीज में नहीं जा सकता है ।
बच्चा:
मास्टरजी फ्रीज बहुत बड़ा है,
पहले फ्रीज खोलेंगे और हाथी को अंदर डाल देंगे

बच्चा: एक सवाल और पूछूँ ।
मास्टरजी: हाँ हाँ पूछो ?
बच्चा: गधे को फ्रीज में कैसे रखेंगे ?
मास्टरजी: पहले फ्रीज खोलेंगे और गधे को उस में रख देंगे ।
बच्चा:
गलत जवाब,
पहले हाथी को बाहर करेंगे
फिर गधे को फ्रीज में रखेंगे

बच्चा: एक सवाल और पूछूँ?
मास्टरजी: हाँ हाँ पूछो ।
बच्चा:
बंदर के जन्मदिन की पार्टी में सभी जानवर एवं जीव-जन्तु आए
परन्तु एक जानवर नहीं आया ।
उसका नाम बतलायें ?

मास्टरजी : शेर नहीं आया होगा क्योंकि वह आता तो सभी को खा जाता !
बच्चा :
फिर गलत जवाब,
गधा पार्टी में नहीं आया
क्योंकि गधे को तो हमने फ्रीज में बंद कर दिया था

बच्चा: एक सवाल और पूछूँ ?
मास्टरजी: (गुस्से से) बोल हरामजादे ।

बच्चा: रास्ते में एक नदी है
जिसमें एक खतरनाक मगरमच्छ रहता है एवं
उस नदी के ऊपर आने-जाने के लिए पुल भी नहीं है,
आप नदी कैसे पार करोगे ?
मास्टरजी: मैं नाव लेकर नदी पार करूंगा !

बच्चा: फिर गलत जवाब ।
मास्टर: बोल, कैसे ?
बच्चा: मास्टरजी इतनी जल्दी नाव कहाँ से आपको मिलेगी,
तबतक तो आप नदी तैरकर भी पार कर लोगे ।

मास्टर: मगरमच्छ से तेरा बाप बचाएगा ?
बच्चा:
मास्टरजी! आपकी इतनी फटती क्यों है?
आपको तो पता है कि सभी जीव-जानवर
बंदर की Birthday पार्टी में गए हुए हैं
तो मगरमच्छ नदी में कैसे आ जाएगा 😀 😛

मास्टरजी बेहोश हो गए


छात्र से टीचर ने पूछा बताओ एक साल में कितनी रात्रि होती हे..

छात्र– 10 रात्रि

टीचर — 10 कैसे

छात्र- 9 नवरात्री ओर 1 शिवरात्रि.

टीचर अभी तक कोमा में हे।


टीचर:
जिसको सुनाई नहीँ देता उसको क्या कहेँगे ?

शिष्य:
कुछ भी कह दो साले को!
कौनसा सुनाई देता है!!


छुट्टी कै लाने आबेदन पत्र……

सेवा मे..
श्रीमान मास्साब..
माध्मिक पाठशाला बुंदेलखंड

माहानुभव,
तो मस्साब ऐसो है कि दो दिना से चड़ रओ है जो बुखार और उपर से जा नाक बह रई सो अलग || जई के मारे हम सकूल नई आ पाहे सो तमाए पाऊ पर के निवेदन आए कि दो-चार दिना की छुट्टी दे देते, तो बडो अछछो रहतो और अगर हम नई आये तो कोन सो तमाओ सकूल बंद हो जै |||||||

तुमाओ
आग्याकारी शिष्य,
“कलुआ”


अच्छे और बहुत अच्छे टीचर में अंतर:

अच्छा टीचर वो है जो परीक्षा में आपको कड़ी मेहनत की सलाह दे…

और बहुत अच्छा टीचर वो है, जो आपको परीक्षा के वक़्त कहे..
“कंजरों, पर्चियां चाब जाओ, फ्लाइंग आ गयी”!


हिंदी का पीरियड था..

मास्टर ने पूछा:
कविता और निबंध मैं क्या अंतर है

स्टूडेंट:
प्रेमिका के मुंह से निकला एक शब्द भी कविता होता है
और
पत्नी का एक ही शब्द निबंध के समान होता है

मास्टर के आंख मैं आंसू आ गए,
गला भर आया..
उन्होने उस लड़के को क्लास का मानीटर बनाया ।


टीचर छात्र से:
आयात और निर्यात का एक अच्छा सा उदाहरण बताओ.

छात्र:
सोनिया गांधी और सानिया मिर्ज़ा..

टीचर:
तुम्हारे चरण कहाँ हैं बेटा ।


गाँव के एक विद्यालय से….

अध्यापक: 15th अगस्त को हमे क्या मिली थी ?

छात्र: माड़साहब….”नुक्ति”

……….

अगर सही जवाब आपको भी नह पता,
तो मैं बताता हूँ!

– आज़ादी


छात्र (भगवान से):
हज़ारो की किस्मत तेरे हाथ है,
अगर पास करदे तो क्या बात है!

परीक्षा के बाद …

भगवान:
गर्लफ्रेंड थोड़ी कम पटाता तो क्या बात थी,
किताबे तो सारी तेरे पास थी


अध्यापक: बताओ बच्चो हमारी पृथ्वी किसका चक्कर लगाती है?

संता: – “सूर्य का”

अध्यापक:
बहूत अच्छा बेटे,
और हमारी पृथ्वी का चक्कर कौन लगाता है?

सारे विधार्थी एक साथ: नरेंद्र मोदी!!


अध्यापक : बच्चों, रामचंद्र ने समुन्द्र पर पुल बनाने का निर्णय लिया ।

पप्पू : सर मैं कुछ कहना चाहता हूँ।

अध्यापक : कहो बेटा ।

पप्पू : रामचन्द्र का पुल बनाने का निर्णय गलत था ।

अध्यापक : वो कैसे ?

पप्पू : सर उनके पास हनुमान थे जो उड़कर लंका जा सकते थे । तो उनको पुल बनाने की कोई जरुरत ही नही थी ।

अध्यापक : हनुमान ही तो उड़ना जानते थे बाकि रीछ और वानर तो नही उड़ते थे ।

पप्पू : सर वो हनुमान की पीठ पर बैठकर जा सकते थे । जब हनुमान पूरा द्रोणागिरी पहाड़ उठाकर ले जा सकते थे, तो वानर सेना को भी तो उठाकर ले जा सकते थे ।

अध्यापक : भगवान की लीला पर सवाल नही उठाया करते नालायक।

पप्पू : वैसे सर एक उपाय और था।

अध्यापक : (गुस्से में) ..क्या ?

पप्पू : सर हनुमान अपने आकार को कितना भी छोटा बड़ा कर सकते थे, जैसे सुरसा के मुँह से निकलने के लिए छोटे हो गए थे और सूर्य को मुँह में देते समय सूर्य से भी बड़े.. तो वो अपने आकार को भी तो समुन्द्र की चौड़ाई से बड़ा कर सकते थे और समुन्द्र के ऊपर लेट जाते । सारे बंदर हनुमान जी की पीठ से गुजरकर लंका पहुँच जाते और रामचंद्र को भी समुन्द्र की अनुनय विनय करने की जरुरत नही पड़ती ।
वैसे सर एक बात और पूछूँ ?

अध्यापक : पूछो ।

पप्पू : सर सुना है । समुन्द्र पर पुल बनाते समय वानरों ने पत्थर पर “राम” नाम लिखा था.. जिससे वो पत्थर पानी पर तैरने लगे थे ।

अध्यापक : हाँ तो ये सही है ।

पप्पू : सर सवाल ये है, बन्दर भालुओं को पढ़ना लिखना किसने सिखाया था ?

अध्यापक : हरामखोर पाखंडी, बंद कर अपनी बकवास और मुर्गा बन जा ।

पप्पू : सर सदियोंसे हम सब मूर्ख बनते आ रहे हैं.. चलो आज मुर्गा बन जाता हूँ..!!


टीचर: 1 से 10 तक गिनती सुनाओ।

संता: 1, 2, 3, 4, 5, 7, 8, 9, 10..

टीचर: 6 कहां है ?

संता: जी वो तो मर गया।

टीचर: मर गया? कैसे मर गया???

संता: जी मैडम, आज सुबह टीवी पर न्यूज में बता रहे थे कि स्वाईन फ्रलू में 6 की मौत हो गई


पप्पू की हुई मास्टर से लड़ाई
मास्टर ने की पप्पू की पिटाई

पप्पू का गरम हुआ खून..

गया कब्रिस्तान और मास्टर की,
फोटो टांग के लिख दिया
COMING SOON!!


कल जो मैंने एक बच्चे से पूछा:
पढ़ाई कैसी चल रही है?

उसका जवाब आया
अंकल,

समंदर जितना सिलेबस है;
नदी जितना पढ़ पाते हैं;
बाल्टी जितना याद होता है;
गिलास भर लिख पाते हैं;
चुल्लू भर नंबर आते हैं;
उसी में डूब कर मर जाते हैं।


मोरक्को के छोटे से गावं में एक बच्चा हामिद रहता था…

उसके स्कूल के बच्चे उसको हमेशा “उल्लू”
बोलकर चिढाते थे

और

उसकी टीचर उस की
बेवकूफियों से हमेशा बहुत परेशान रहती थी..

एक दिन उसकी माँ उसका रिजल्ट जानने उसके
स्कूल गयी और टीचर से हामिद के बारे में पूछा..

टीचर ने कहा कि “अपने जीवन के पचीस साल के
कार्यकाल में उसने पहली बार ऐसा बेवकूफ लड़का देखा है,

ये जीवन में कुछ न कर पायेगा”

यह सुनकर हामिद की माँ बहुत आहात हो गयी

और

उसने शर्म के मारे वो गाँव छोड़कर

एक शहर में चली गयी हामिद को लेकर..

बीस साल बाद जब उस टीचर को दिल की बिमारी हुई
तो सबने उसे शहर के एक डॉक्टर का नाम सुझाया

जो ओपन हार्ट सर्जरी करने में माहिर था..

टीचर ने जा कर सर्जरी करवाई और ऑपरेशन कामयाब रहा..

जब वो बेहोशी से वापस आई और आँख खोली
तो

टीचर ने एक सुदर और सुडौल नौजवान डॉक्टर को
अपने बेड के बगल खड़े हो कर मुस्कुराते हुवे देखा..

वो टीचर डॉक्टर को शुक्रिया बोलने ही वाली थी
अचानक उसका चेहरा नीला पड़ गया..

और

जब तक
डॉक्टर कुछ समझें समझें.. वो टीचर मर गयी..

डॉक्टर अचम्भे से देख रहे थे और समझने की
कोशिश कर रहे थे की आखिर हुवा क्या है..

तभी वो पीछे मुड़े और देखा कि हामिद,
जो की उसी अस्पताल में एक सफाई कर्मचारी था,
उसने वेंटीलेटर का प्लग हटा के
अपना वैक्यूम क्लीनर का प्लग लगा दिया था..

अब अगर आप लोग ये सोच रहे थे कि हामिद
डॉक्टर बन गया था..
तो इसका मतलब ये है की आप
हिंदी/तमिल/तेलुगु फ़िल्में बहुत ज्यादा देखते हैं..
या फिर बहुत ज्यादा प्रेरणादायक कहानियां पढ़ते हैं..

हामिद उल्लू था और उल्लू ही रहेगा!!


पप्पू का बेटा,
ऐसी तस्वीर बनाता कि लगता मानो
तस्वीर जिन्दा है.!!

मास्टर जी ने,
पप्पू को फोन किया – ..आपका बेटा
बड़ा शैतान है ..!!

आज उसने क्लासरूम की
जमीन पे 1000 रूपये के नोट की हूबहू
फोटो बना दी..उसे उठाने के चक्कर में मेरे
नाख़ून टूट गए..इसे समझाते क्यों नहीं..?

पप्पू – ..मास्टरजी ..मैं खुद ICU से
बोल रहा हूँ..पगले ने कल बिजली के
सॉकेट पे केटरीना बना दी थी..!!

होंठ जल गए करेंट से.!!


अध्यापक: “भाईचारा” शब्द का प्रयोग करते हुए कोई वाक्य बनाओ।

चिंटू :
मैंने दूध वाले से पूछा,
तुम दूध इतना महंगा क्यों बेचते हो
तो वह बोला भाई चारा महंगा हो गया है।

दे थप्पड़ दे थप्पड़ …


Teacher: A B C सुनाओ..

संता: A B C

Teacher: और सुनाओ…

संता: और सब बढियां, आप सुनाओ!


एक बार एक स्कूल मे आग लग गई।
स्कूल की छुट्टी हो गई ।
सब बच्चे स्कूल से घर ख़ुशी ख़ुशी जा रहे थे।..

खुश इसलिए की स्कूल मे आग लग गई।
अब स्कूल में नही आना पड़ेगा।

लेक़िन एक बच्चा बड़ा दुखी होकर स्कूल से जा रहा था।

टीचर ने उसको देखा उसे अपने पास बुलाया और पूछा बेटा सब बच्चे तो इतने ख़ुश हँ ।
लेकिन तुम दुखी क्यों हो?

लड़का बोला आग से स्कूल ही तो जला हँ।
मास्टर तो सारे बच गये।
कल पार्क मे बिठाकर पढ़ाने लगेंगे।


रसायन शास्त्र की कक्षा में

टीचर: पानी का फॉर्मूला बताओ

स्टूडेंट: H2O + MgCl2 + CaSO4 + AlCl3 + NaOH + KOH + HNO3 +HCl + CO2 …

टीचर: ये उत्तर गलत है .

स्टूडेंट: मैडम, ये नाले का पानी है।


टीचर :- देश के सबसे ईमानदार पुलिसवाले कहा पर पाए जाते है…???

.

पप्पू :- सावधान इंडिया और क्राइम पेट्रोल !


टीचर : राजू तुम किस लिए कॉलेज आते हो.
छात्र : विद्या के लिए सर.
टीचर: तो आज तुम सो क्यों रहे हो.
छात्र: आज विद्या नहीं आई है सर.


टीचर ने छात्रों से पुछा।

टीचर: एक बात बताओ, तुम पढाई में ध्यान क्यों नहीं देते?

एक छात्र: क्योंकि पढाई सिर्फ दो वजहों से की जाती है।
1st डर से
2nd शौख़ से
और,
फालतू के शौख हम रखते नहीं और
डरते तो किसी के बाप से नहीं।


 

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